10 से 20 पुल अप कैसे करें?HealthPlanet

Posted on Fri 3rd Mar 2023 : 09:15

1. पुल-अप एक्सरसाइज क्या है (What is Pull-Up Exercise)

पुल (Pull) का मतलब है 'खींचना' और अप (Up) का मतलब है 'ऊपर'। यानी, ऐसी एक्सरसाइज जिसमें बॉडी को आर्म्स (Arms) और शोल्डर (Shoulder) की सहायता से ऊपर की ओर खींचते हैं पुल-अप कहलाती है।

ये आपके बाइसेप्स (Biceps), मिडिल और लोअर बैक, अपर बैक (Upper Back), मिडिल बैक (Middle Back), लोअर बैक (Lower Back), लेट्स (Lats) और शोल्डर (Shoulder) पर मुख्य रूप से काम करती है।
2. पुल-अप के लिए मशीन / इक्युपमेंट (Machine / Equipment For Pull-Up)

पुल-अप लगाने के लिए मुख्यत: पुल-अप रॉड (Pull-Up Bar) का प्रयोग किया जाता है। बिगिनर्स के लिए कई जिमों में पुल-अप मशीन भी होती हैं जो कि नीचे से बॉडी को पुश करती है। जो लोग जिम नहीं जाते वे ऊंचाई पर लगे रॉड का भी प्रयोग कर सकते हैं।
3. पुल-अप के प्रकार (Types Of Pull-Up)

निगेटिव पुल-अप (Negative Pull-Up)
किपिंग पुल-अप (Kipping Pull-Up)
वेटेड पुल-अप (Weighted Pull-Up)
तौलिया ग्रिप पुल-अप (Towel Grip Pull-Up)
साइड-टू-साइड पुल-अप (Side-To-Side Pull-Up)
वॉकिंग पुल-अप (Walking Pull-Up)
टार्जन पुल-अप (Tarzan Pull-Up)
क्लासिक पुल-अप (Classic Pull-Up)
पुल-अप विथ लेग रेज (Pull-Up With Leg Raise)

4. पुल-अप कैसे करते हैं (How To Do Pull-Up)

इसे करने के लिए सबसे पहले आपको पुल-अप मशीन या रॉड के नीचे खड़े होना है। फिर उसके बाद दोनों हाथ ऊपर उठाते हुए रॉड को कंधे की चौड़ाई से कुछ दूरी (5-6 इंच) पर पकड़िए।

शरीर को ऊपर उठाते समय ध्यान रखें आपके हाथ और बॉडी सीधी हो। चाहें तो पैरों को सीधा रख सकते हैं या फिर मोड़ भी सकते हैं।

एक्सरसाइज के लिए तैयार होने के बाद शरीर को हाथों के सहारे इतना ऊपर खींचें कि आपकी ठोड़ी (Chin) रॉड के पास तक आए। अब शरीर को 1 सेकेंड होल्ड करने के बाद शरीर को धीरे-धीरे नीचे की ओर यानि प्रारंभिक स्थिति में लाएं।

इस पूरे क्रम को एक रेप्स कहेंगे। अपनी क्षमता के मुताबिक 5 रेप्स से शुरू करें और फिर धीरे-धीरे बढ़ाते जाएं।
5. पुल-अप एक्सरसाइज करने के फायदे (Benefits Of Pull-Up Exercise)

पुल-अप एक्सरसाइज करने से स्ट्रेन्थ में काफी ज्यादा सुधार होता है। रोजाना करके स्टेमिना (Stamina), स्ट्रेन्थ (Strength) और एंड्यूरेंस (Endurance) बढ़ा सकते हैं।
इसे करने से हाथों की पकड़ मजबूत होती है जिससे रोजमर्रा के कामों में आपको काफी मदद मिल सकती है।
ये एक्सरसाइज आपके बैक मसल्स (Back Muscles) पर सबसे अधिक असर डालती है इसलिए इसे रेग्युलर करने से काफी हद तक कमर दर्द में आराम मिलने के साथ ही रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन में भी काफी सहायक हो सकता है।
पुल-अप करने में काफी ताकत का इस्तेमाल होता है इसलिए इसे करने के दौरान काफी मात्रा में कैलोरी लगती है। जिससे मेटाबॉलिज्म भी बढ़ सकता है।
पुल-अप के दौरान शरीर में एंडोर्फिन हार्मोन (Endorphin Hormone) रिलीज होता है जिसे हैप्पी हार्मोन भी कहा जाता है। इसके रिलीज होतेही आपका मूड फ्रेश हो जाता है।
इसे करने में शोल्डर और आर्म्स के मसल्स भी शामिल होते हैं, जिससे ये भी टोन हो जाते हैं।
पुल-अप करने के दौरान हार्ट बीट काफी तेज हो जाती है और शरीर में काफी मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचने लगती है।

6. पुल-अप के दौरान होने वाली गलतियां (Mistakes During Pull-Up)

कई बार देखा जाता है कि अधिकतर लोग अपनी ठोड़ी को रॉड के पास तक नहीं ले जाते, जो कि गलत तरीका है। यदि ठोड़ी को रॉड के पास तक ले जाएंगे तो अधिक फायदा मिल सकता है।
कई लोग पुल-अप काफी जल्दी-जल्दी करते हैं इसलिए इस बात का ध्यान रखें कि इसे करते समय स्पीड नॉर्मल रहे ना कि काफी तेज। जल्दी करने से मसल्स इंगेजमेंट कम होता है और आपको अधिक लाभ नहीं मिलता।
पुल-अप बार को पकड़ते समय कुछ लोग या तो उसे शोल्डर लेवल के काफी दूर पकड़ते हैं या कुछ लोग बहुत अधिक पास। ये दोनों ही स्थिति गलत होती हैं। पुल-अप लगाते समय शोल्डर से 5-6 इंच बाहर की ओर ग्रिप पकड़ना सही माना जाता है।
पुल-अप करते समय सांस लेने और छोड़ने पर जरूर ध्यान दें। बॉडी को ऊपर खींचते समय सांस अंदर खीचें और नीचे लाते समय बाहर की ओर छोड़ें।

solved 5
wordpress 3 years ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author -> Poster Name

Short info